साल 2017 में राशियों का हाल

मेष – इस साल आपके अष्टम स्थान में स्थित शनि की पूर्ण दृष्टि दसम, द्वितीय और पंचम स्थान में है, जिसमें भी पंचम में शनि दृष्ट राहु होने के कारण बाॅस, परिवार जिसमें विशेषकर संतान के एजूकेशन से संबंधित कष्ट एवं साल के प्रर्थमार्थ में स्वास्थ्य कष्ट कार्य से संबंधित बाधाएॅ और परिवार में विवाद…

कुंडली में बुध ग्रह का वक्री होना

बुध का वक्री होना वर्ष में तीन बार होता है,और यह ग्रह केवल चौबीस दिन के लिये बक्री होता है,इस ग्रह के द्वारा अपने फ़लों में बाहरी प्राप्तियों के लिये लाभकारी माना जाता है,अन्दरूनी चाहतों के लिये यह समय नही होता है,यह दिमाग में झल्लाहट पैदा करता है,इन झल्लाहटों का मुख्य कारण कार्यों और कही…

कुंडली में शनि पीड़ित होने से जीवन में उत्पन्न समस्याएं

ग्रहों की चर्चा आते ही अधिकांश लोगों का ध्यान ‘‘शनि’’ की ओर ही आकर्षित होता है तथा एक भय की दृष्टि से इसे देखते हैं। जबकि सत्यता इससे कहीं अलग है क्योंकि शनिदेव को भगवान शिव के द्वारा दण्डाधिकारी का पद मिला हुआ है अब यदि दण्डाधिकारी सबके सामने अपना कोमल हृदय प्रस्तुत करेंगे तो…

आप की कुंडली और फिटनेस

जब भी बात प्रेम प्रसंग, व्यापार, व्यवसाय, स्वास्थ्य या जीवन से जुड़े किसी खास पहलू की चलती है तो हम सभी प्रायः ज्योतिष से उसको जानने की चेष्टा करते हैं। आज हम बात करेंगे फिटनेस की यानी एक्सरसाइज शेड्यूल की। प्रायः हम सभी महिलाएं खूबसूरत और दुबला-पतला दिखने के लिए सदा ही प्रयास करती रहती…

कुंडली में गुरु शुक्र युति

द्वादश भाव के स्वामी गुरु के संबंध में निमानुसार उल्लेखनीय है-यदि द्वादश भाव का स्वामी गुरु हो और वह अपने उच्व नबांष् में स्थित हो, तो मनुष्य को मृत्यु के उपरान्त पुण्यलोक प्राप्त होता है । मृत्यु के खाद ” गति है के प्रश्न का विचार द्वादश भाव से किया जाता है । दो गुणों…

कुंडली में अधियोग

‘चन्द्र नाडी हैं में अधि योग के चन्द्रग्रधियोग में उत्पन्न होने वाला मनुष्य विख्यात, धनी और यशस्वी होता है । वह छोड़े, पालकी तथा अन्य वाहनादि से संयुक्त, सुशील पुत्रों वाला, सुशीला स्वी वाला, भाग्यवान, महान एवं कीर्ति, प्रभाव, साहस बाला तथा देषा/देशान्तर में प्रसिद्ध होता है । शास्त्रों में जहां अधि योग का उल्लेख…

कुंडली में इन्द्र योग

“चन्द्र नाडी’ में इन्द्र योग यदि लग्न का स्वामी मिथुन नवांष् में एकादश भाव में चतुथेंश से युक्त हो, तो “इन्द्र रोग है बनता है । इस योग का फलादेश इस प्रकार है-यदि तुला लग्न और इन्द्र र्याग हो, तो जातक को गोगविलास को सामग्री प्रचुर मावा में प्राप्त होती है । वह राज्य की और से बहुत मान…

क्या है गीता जयंती…

गीता जयंती एक प्रमुख पर्व है हिंदु पौरांणिक ग्रथों में गीता का स्थान सर्वोपरि रहा है. गीता ग्रंथ का प्रादुर्भाव मार्गशीर्ष मास में शुक्लपक्ष की एकादशी को कुरुक्षेत्र में हुआ था. महाभारत समय श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को ज्ञान का मार्ग दिखाते हुए गीता का आगमन होता है. इस ग्रंथ में छोटे-छोटे अठारह अध्यायों में…

मीन दिसंबर 2016 मासिक राशिफल

माह के पूर्वार्ध में व्यापार अथवा नौकरी में परिवर्तन को लेकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे। व्यापार में जीवनसाथी की ओर से सभी प्रकार से मदद मिलती रहेगी। अविवाहित लोगों को विवाह अथवा उस संबंध में निर्णय करने के लिए अनुकूल समय है। प्रेम विवाह का योग भी बन रहा है इसलिए कोई व्यक्ति पसंद हो…

कुंभ दिसंबर 2016 मासिक राशिफल

माह के पूर्वार्ध जीवन साथी के साथ आपकी आत्मीयता बढ़ेगी। प्रेम संबंधों के लिए समय काफी अनुकूल है। इस समय आप अपने जीवन साथी के साथ डेट पर जाने की योजना बना सकते हैं। स्वयं के स्वास्थ्य की विशेष संभाल रखें। स्वभाव में थोड़ी उग्रता या चिड़चिड़ापन आ सकता है। आपके विचार उच्च होने से…